Yoga Health Is Wealth

योगा सूर्य नमस्कार के 12 स्टेप सभी के लिए, लेकिन सभी के लिए नहीं है

Get in touch Yoga More Tips Railway 62907 D Group Bharti Shree Devi

योगा क्या है?

त्रीगुड दोस :-

त्रिगुणदोस क्या है ? What's Body side effect ?

सभी के शरीर में ये तीन दोस पाए जाते है, आयुर्वेद में ‘त्रिदोष सिद्धान्त’ की विस्तृत व्याख्या है; वात, पित्त, कफ-दोषों के शरीर में बढ़ जाने या प्रकुपित होने पर उनको शांत करने के उपायों का विशद् वर्णन हैं; आहार के प्रत्येक द्रव्य के गुण-दोष का सूक्ष्म विश्लेषण है; ऋतुचर्या-दिनचर्या, आदि के माध्यम में स्वास्थ्य-रक्षक उपायों का सुन्दर विवेचन है तथा रोगों से बचने व रोगों की चिरस्थायी चिकित्सा के लिए पथ्य-अपथ्य पालन के लिए उचित मार्ग दर्शन है । आयुर्वेद में परहेज-पालन के महत्व को आजकल आधुनिक डाक्टर भी समझने लग गए हैं और आवश्यक परहेज-पालन पर जोर देने लग गए हैं । लेखक का दृढ़ विश्वास है कि साधारण व्यक्ति को दृष्टिगत रखते हुए यहां दी जा रही सरलीकृत जानकारी से उसे रोग से रक्षा, रोग के निदान तथा उपचार में अवश्य सहायता मिलेगी । वात, पित्त, और कफ इन सभी के अलग अलग दोस होते है | किसी के शरीर में "बात" की मात्रा अधिक होती है और किसी के शरीर में "पित" की मात्रा अधिक होती है और किसी के शरीर में "कफ" की मात्रा अधिक होती है , अपने शरीर के इन तीनो दोसो को ध्यान में रखते हुए खान पिन का इस्तेमाल करें, और यदि आप को आप बैलेंस रखते है तो निश्चित ही दीर्घ आयु तक स्वस्थ बने रहेंगे / अब बात आती है कि इनको बराबर कैसे रखे, उदाहरण :- किसी के शरीर में कफ बनने की शिकायत है और वह उसी प्रकार का भोजन इस्तेमाल करते हैं जिससे कफ अधिक बनता है तो आपको शरीर का बैलेंस बनाये रखने के लिए कफ बनाने बाले खाने के पदार्थों का परहेज करना चाहिए, जिससे आपके शरीर के "त्रिगुण दोसो" का बॅलन्स बना रहे और आप स्वस्थ बने रहें | सभी के शरीर में ये तीन दोस पाए जाते है , बात /पित और कफ इन सभी के अलग अलग दोस होते है | किसी के शरीर में "बात" की मात्रा अधिक होती है और किसी के शरीर में "पित" की मात्रा अधिक होती है और किसी के शरीर में "कफ" की मात्रा अधिक होती है , अपने शरीर के इन तीनो दोसो को ध्यान में रखते हुए खान पिन का इस्तेमाल करें, और यदि आप को आप बैलेंस रखते है तो निश्चित ही दीर्घ आयु तक स्वस्थ बने रहेंगे / अब बात आती है कि इनको बराबर कैसे रखे, उदाहरण :- किसी के शरीर में कफ बनने की शिकायत है और वह उसी प्रकार का भोजन इस्तेमाल करते हैं जिससे कफ अधिक बनता है तो आपको शरीर का बैलेंस बनाये रखने के लिए कफ बनाने बाले खाने के पदार्थों का परहेज करना चाहिए, जिससे आपके शरीर के "त्रिगुण दोसो" का बॅलन्स बना रहे और आप स्वस्थ बने रहें | Rajpal Singh

योगा के कुछ अन्य आसन

सूर्य नमस्कार

सूर्य नमस्कार आसन को 12 आसनों को मिलाकर बनाया गया है .

(1)प्रणाम आसन | Prayer pose (2) हस्तउत्तानासन |Raised Arms pose (3) हस्तपाद आसन |Hand to Foot pose (4) अश्व संचालन आसन | Equestrian pose (5) दंडासन |Dandasana (Stick pose) (6) अष्टांग नमस्कार | Ashtanga Namaskara (Salute With Eight Parts Or Points) (7) भुजंग आसन |Bhujangasana (Cobra pose) (8) पर्वत आसन | Parvatasana (Mountain pose) (9) अश्वसंचालन आसन | Ashwa Sanchalanasana (Equestrian pose) (10) हस्तपाद आसन | Hasta Padasana (Hand to Foot pose) (11) हस्तउत्थान आसन | Hastauttanasana (Raised Arms pose) (12) ताड़ासन | Tadasana

शवासन

शवासन आसन उपयोग करने का सही तरीका :- शवासन के लिए आप पीठ जमीं की तरफ रखें और अपना चहरा असमान की और रखें | दोनों पैरो को सीधे फैलाते उए पैर के पंजों में आपसी दुरी दो से ढाई फीट रखे और आपके हाथों की हथेली आस्मां की और रहें तथा आपकी कमर से एक या डेड फीट की दुरी बनी रहे, सवासन करते समय की भी प्रकार मनमे विचार न लायें | शवासन यानी की शव के समान आसन जिस प्रकार शव याने मरे हुए इंसान में कोई हलचल नही होती उसी प्रकार इस आसन में भी कोई हलचल नही होती। आजके मनुष्य की जीवन शैली काफी बेकार हो. आप जब भी शारीर में थकान महसूस करें| सवासन का उपयोग करें ये आपकी थकान दूर कर नई स्फूर्ति लाता है यानी आपको तारो ताज़ा बना देता है एक बार उपयोग करें, कम्मेंट करें?